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Magical Grid System in ancient Indian architecture

There is a very interesting myth associated with the origin of VAASTU-Purusha, from which we can understand as to why we should build a house according to guidelines of VAASTU SCIENCE and then perform the appropriate rituals for the VAASTU-Purusha.

The VAASTU-Purusha is said to be residing in all the buildings – small or large. He has a peculiar physique and indications. He occupies the entire constructed area in a posture of head drooping forward. The story of the origin of the VAASTU-Purusha is narrated in the Matsya-Purana.

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VASTU SUTRA IN LAL KITAB

Pundit Roop Chand Ji Joshi had written Lal Kitab in Urdu language and this is the only book that contains the combination of Astrology, Palmistry and Vastu in it.

Theories mentioned in the book has base of Parashari system of Astrology but in new direction. In this article I would like to mention some Lal Kitab theories related to Vastu.

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वास्तु अनुसार शहर, गांव व मोहल्ले का निर्धारण

जीवन में सुख शांति व समृद्धि की प्राप्ति हेतु स्वयं का एक मकान का होना ग्रहस्थ आश्रम में बहुत ही आवश्यक प्रतीत होता है | जीवन के सही ढंग से निर्वाह की परिकल्पना के लिए वास्तु में शहर का चयन, शहर में भी सही भूमि का चयन और उसके बाद पिंड, आय, वार, नक्षत्र इत्यादि की गणना के द्वारा मकान बनाया जाना चहिये |

भारतीय भवन निर्माण कला स्वयं में कला, विज्ञान तथा आध्यात्म का एक ऐसा अभूतपूर्व तथा विलक्षण संगम है जिसके समकक्ष शिल्प कला विश्व के किसी भी भाग में नही पायी जाती |

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वास्तु टिप्सः भूखंड बनाने के पहले जमीन की परीक्षा कैसे करें

जब भी भवन बनाने के लिए नया भूखंड (जमीन) खरीदनी हो तो उस जमीन की भली-भांति परीक्षा कर लेनी चाहिए। इस परीक्षा से उस भूखंड का विस्तृत विवरण प्राप्त हो जाता है तथा उसकी प्रकृति का पता चल जाता है जिसके आधार पर यह निर्णय किया जाता है कि उस जमीन पर मकान बनाना शुभ रहेगा या अशुभ। इसके लिए शास्त्रों में कई प्रकार की परीक्षाएं बताई गई हैं। इनमें से कुछ इस प्रकार हैं-

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वास्तु निर्माण तथा गृह प्रवेश के लिए शुभ मुहूर्त कैसे ज्ञात करें

हिंदू परिवारों में कोई भी शुभ काम करते समय मुहूर्त का विचार किया जाता है। गृह निर्माण में भी चाहें नींव लगाने का समय हो, चाहे गृह प्रवेश का या वास्तु पूजा हो, प्रत्येक कार्य में पंड़ितों से शुभ मुहूर्त पूछ कर नवग्रह की पूजा की जाती है तथा उसके पश्चात ही घर का निर्माण कार्य अथवा गृह प्रवेश का कार्य शुरु किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार गृह निर्माण कार्य राशि तथा महीनों के अनुसार करवाना चाहिए।

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Bed Room Tips

A bed-room has special importance while constructing a house. After a full day of tiring work, everybody needs adequate sleep in the night. Good sleep is necessary to feel rejuvenated when one gets up to tackle the next day with pep and vigour. Hence it is necessary to pay attention to the following, while locating the bed-room and the bed in it.

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